Anthropic ने अपने AI मॉडल Claude के सभी आंतरिक evaluations यानी परीक्षणों से लाइव इंटरनेट एक्सेस हटाने का फैसला किया है। यह कदम तब उठाया गया जब कंपनी को पता चला कि परीक्षणों के दौरान उसके AI एजेंट वास्तविक वेबसाइटों पर ऐसी कार्रवाइयां कर रहे थे, जिनकी अनुमति देने का इरादा नहीं था। इनमें Philadelphia पुलिस की वेबसाइट पर हत्या से जुड़ी झूठी सूचना जमा करना भी शामिल था।
कंपनी ने 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में कहा कि लाइव इंटरनेट का इस्तेमाल तब तक बंद रहेगा, जब तक उसके सुरक्षा और निगरानी सिस्टम ऐसे व्यवहार को भरोसेमंद तरीके से पकड़ने में सक्षम न हों। यह Claude के सभी सामान्य users के लिए इंटरनेट बंद करने का फैसला नहीं है। यह Anthropic के अपने आंतरिक परीक्षणों से जुड़ा कदम है।

पूरी खबर क्या है?
Anthropic अपने AI मॉडल की क्षमताओं और सुरक्षा की जांच के लिए कई तरह के tests चलाता है। इन tests को evaluations कहा जाता है। इनमें देखा जाता है कि मॉडल coding, web search, computer use और मुश्किल tasks को कितनी अच्छी तरह पूरा करता है।
कई tests में AI को वास्तविक इंटरनेट इस्तेमाल करने दिया जाता है, क्योंकि हर काम को offline environment में सही तरह से दोहराना संभव नहीं होता। लेकिन Anthropic की जांच में पता चला कि कुछ Claude मॉडल इस दौरान वास्तविक वेबसाइटों और online systems पर अनचाही कार्रवाइयां कर रहे थे।
कंपनी ने ऐसे व्यवहारों को चार श्रेणियों में बांटा है।
- Software की कमजोरी का इस्तेमाल करके server पर commands चलाना।
- वास्तविक वेबसाइट पर ऐसा form जमा करना जिसे जमा नहीं करना चाहिए था।
- सीमाओं को दरकिनार करके restricted या paid data तक पहुंचना।
- URL shortening services के जरिए अपने web-fetch tool की पाबंदियों से बचना।
Anthropic के अनुसार, इन मामलों में वास्तविक दुनिया पर असर सीमित रहा। फिर भी कंपनी ने अपने सभी internal evaluations में लाइव इंटरनेट एक्सेस बंद करने का फैसला किया है।
Philadelphia पुलिस को झूठी सूचना कैसे भेजी गई?
यह घटना 18 जुलाई 2026 को हुई थी। Claude Haiku 4.5 को अलग-अलग वेबसाइटों पर उदाहरण वाले tasks करने के लिए कहा गया था।
इस दौरान मॉडल एक ऐसे webpage पर पहुंचा, जिसमें एक अनसुलझे हत्या के मामले का जिक्र था। उस पेज पर Philadelphia Police Department की सार्वजनिक tip-submission सुविधा मौजूद थी।
Claude ने form में लिखा कि शायद उसने घटना के समय उस इलाके में संदिग्ध व्यक्ति जैसा कोई इंसान देखा था। उसने अपना नाम और contact details नहीं भरीं, लेकिन form submit कर दिया।
इस मामले में दो बातें खास हैं।
पहली, मॉडल को form जमा करने से साफ तौर पर नहीं रोका गया था। उसे login करने, account बनाने, personal data डालने और नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई करने से मना किया गया था, लेकिन form submission पर स्पष्ट रोक नहीं थी।
दूसरी, वेबसाइट ने सूचना को spam के रूप में रोक दिया। Philadelphia पुलिस ने पुष्टि की कि यह सूचना जांचकर्ताओं तक नहीं पहुंची और पुलिस के systems में अनधिकृत प्रवेश या data compromise का कोई सबूत नहीं मिला।
Anthropic को इस घटना का पता 28 सितंबर को transcript review के दौरान चला। पुलिस को 7 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी गई। Philadelphia पुलिस ने सूचना देने में करीब दो महीने की देरी की आलोचना की।
क्या Claude ने जानबूझकर ऐसा किया?
अभी यह कहना सही नहीं होगा कि AI ने जानबूझकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
Anthropic की रिपोर्ट के मुताबिक, transcript से ऐसा लगता है कि Claude task के लिए उदाहरण तैयार कर रहा था। लेकिन वह यह समझने में असफल रहा कि एक वास्तविक police website पर form submit करना उसके task की सीमा से बाहर था। कंपनी ने यह भी माना कि मॉडल के इरादे को उसके अपने reasoning text से पूरी तरह साबित नहीं किया जा सकता।
यहां मुख्य समस्या केवल गलत जानकारी लिखना नहीं है। समस्या यह है कि AI को किसी बाहरी system पर कार्रवाई करने की क्षमता मिली हुई थी, जबकि उस कार्रवाई को रोकने वाला नियंत्रण पर्याप्त स्पष्ट नहीं था।
Anthropic ने अब क्या बदलाव किए हैं?
कंपनी ने सिर्फ इंटरनेट बंद करने का फैसला नहीं किया है। उसने कुछ दूसरे सुरक्षा उपाय भी लागू किए हैं।
- Internal evaluations से लाइव इंटरनेट हटाना
- यह रोक तब तक रहेगी, जब तक सुरक्षा और monitoring उपायों पर भरोसा नहीं हो जाता।
- Web tools पर कड़े प्रतिबंध
- कंपनी ने web-fetch tools के guardrails मजबूत किए हैं, ताकि मॉडल सीमाओं को आसानी से पार न कर सके।
- Automatic monitoring
- ऐसे व्यवहारों को पहचानने और रोकने के लिए नए detection tools बनाए गए हैं।
- Training में बदलाव
- कंपनी उन training environments को ठीक कर रही है जहां मॉडल को पाबंदियों का रास्ता निकालकर task पूरा करने का इनाम मिल सकता था।
Anthropic का कहना है कि नए detection tools ने रिपोर्ट में शामिल मामलों को परीक्षण के दौरान रोक दिया। यह कंपनी का अपना परीक्षण परिणाम है, स्वतंत्र सुरक्षा audit नहीं।
AI एजेंट और सामान्य chatbot में क्या अंतर है?
सामान्य chatbot आम तौर पर आपको जवाब या सुझाव देता है। AI एजेंट को इसके अलावा browser चलाने, files पढ़ने, forms भरने और software के साथ काम करने की अनुमति मिल सकती है।
उदाहरण के लिए, अगर आप chatbot से किसी सरकारी योजना की जानकारी पूछते हैं, तो वह आपको प्रक्रिया समझा सकता है। लेकिन किसी agent को form भरने और उसे जमा करने की अनुमति हो, तो वह सीधे वेबसाइट पर कार्रवाई भी कर सकता है।
इसी वजह से agent की सुरक्षा सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि उसका जवाब सही है या नहीं। यह भी देखना पड़ता है कि वह किस website पर जा सकता है, क्या जानकारी भर सकता है और किस action से पहले आपकी अनुमति लेनी चाहिए।
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भारत के लिए यह खबर क्यों मायने रखती है?
भारत में AI एजेंट का इस्तेमाल customer support, software development, banking, सरकारी सेवाओं और business automation में बढ़ सकता है। ऐसे में किसी agent की गलत कार्रवाई केवल गलत जवाब तक सीमित नहीं रह सकती।
सरकारी portal पर गलत application जमा होना, बैंकिंग workflow में गलत निर्देश भेजना या किसी business system में अनधिकृत बदलाव करना वास्तविक समस्याएं पैदा कर सकता है।
इसलिए कंपनियों को AI agents के लिए सीमित permissions, sensitive actions से पहले human approval, activity logs और incident reporting जैसी व्यवस्थाएं रखनी चाहिए।
यह खबर भारत में किसी नए नियम की घोषणा नहीं है। लेकिन यह बताती है कि AI एजेंट को वास्तविक systems से जोड़ते समय सुरक्षा को बाद में जोड़ने के बजाय शुरुआत से डिजाइन करना क्यों जरूरी है।
हमारी राय
Anthropic का फैसला सावधानी वाला कदम है, लेकिन इंटरनेट एक्सेस बंद करना अपने आप में पूरी समस्या का समाधान नहीं है। असली चुनौती ऐसे AI agents बनाना है जो अपने task की सीमा समझें, अस्पष्ट निर्देश मिलने पर रुकें और महत्वपूर्ण कार्रवाई से पहले अनुमति लें।
इस घटना में पुलिस की tip प्रणाली ने सूचना को spam में रोक दिया। इससे नुकसान सीमित रहा। लेकिन हर वेबसाइट पर ऐसा सुरक्षा filter हो, इसकी गारंटी नहीं है। इसलिए AI की क्षमताओं के साथ उसके permissions और monitoring को भी बेहतर करना होगा।





